व्याकरण तब टिकता है जब उसे काम के हिसाब से सीखा जाए। यह रहा एक सीधा क्रम।
N5
- वाक्य-ढाँचे, कारक-चिह्न (は/が/を/に/で/へ/と), ます/です, い और な विशेषण।
- अभ्यास: रोज़ 2–3 बिंदु + ख़ुद लिखे 4 उदाहरण वाक्य।
N4
- て-रूप के प्रयोग, भूतकाल और नकार, कारण बताना, सुझाव, सामर्थ्य।
- अभ्यास: छोटे संवाद; उपवाक्यों की सीमाओं और कारक-चिह्नों पर नज़र रखिए।
N3
- विरोध, रियायत, अनुमान, बाध्यता, नरम पड़ने वाले रूप।
- अभ्यास: बारीक़ी महसूस करने के लिए न्यूनतम युग्म; अनुच्छेदों के सार।
N2
- औपचारिक संयोजक, अंतःस्थ उपवाक्य, कारण-परिणाम की कड़ियाँ।
- अभ्यास: पाठ में भूमिकाएँ पहचानिए (दावा, समर्थन, विरोध)।
N1
- प्रवाह-स्तर पर जुड़ाव और शैली की समझ।
- अभ्यास: संपादकीय और निबंध; हर अनुच्छेद का सार, फिर पूरे लेख का।
व्याकरण को असली पाठ से जोड़िए: जिस दिन सीखें, उसी दिन पढ़ने या सुनने में उसे ढूँढिए।